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Sunday, 28 June 2020

चीन के चंगुल में नेपाल, बिहार से रोटी-बेटी का रिश्ता खत्म करने पर आमादा है

चीन की चाल में फंसा नेपाल हमसे रोटी-बेटी का संबंध भूल गया है। चीन के चंगुल में आने के बाद वहां भारत विरोधी भावना भरी जा रही है। नेपाल के व्यापारिक शहरों में प्रमुख वीरगंज में काफी संख्या में बिहारी रहते हैं। यहां के युवा कहते हैं- हम भारत से अच्छे संबंध चाहते हैं, लेकिन आप इसे अपना देश न समझें। बाॅर्डर सील होने से नेपाल में नमक 100 रुपए किलो बिक रहा है। भारत की बेटियों के बहू बनने पर 7 साल बाद नेपाली नागरिकता देने के कानून ने भी संबंधों में और कड़वाहट भर दी है।

चीनी भाषा बोल रहा नेपाल

भारत से सबसे अच्छे संबंधों वाले देशों में पहले नंबर पर आने वाले नेपाल के सुर बदले हुए हैं। अब वह पूरी तरह से चीनी भाषा बोल रहा है। गलती किसकी? इस तो बहस होती रहेगी। वर्तमान में इसका सबसे ज्यादा नुकसान बिहार को है। हजारों की संख्या में बिहार के परिवारों के लोग नेपाल में हैं। इसलिए वर्तमान तनाव से बिहार-नेपाल की सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ते असर पर दैनिक भास्कर की दाे टीमों ने 7 दिन तक पड़ताल की।

पहली टीम वाल्मीकिनगर से चलकर भिखनाठाेढ़ी, रक्सौल, बलुआके बाद सीतामढ़ी के बैरगनिया, परिहार, सुरसंड हाेते हुए भिट्ठामाेड़ तक एवं दूसरी टीम मधुबनी के मधवापुर, जयनगर, लाैकहा, सुपाैल के भीमनगर से अररिया के जाेगबनी से किशनगंज के गलगलिया हाेते हुए दिघलबैंक तक करीब 729 किलाेमीटर दूरी तक की सफर की। टीम ने नेपाल के गांवों में जाकर वहां के हालात भी जाने।

रोटी के संबंध पर चोट:नेपाल में नमक 100 तो सरसों तेल की कीमत 250 रुपए प्रति किलो

भारत-नेपाल के रिश्ताें में आई तल्खी का असर दोनों ओर के लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। सीमाएं सील होने का सीधा असर व्यापार पर पड़ा है। भारत में राशन से लेकर कपड़ा तक का व्यापार नेपाल के खरीददारों पर निर्भर है। लेकिन नेपाल ने अपने नागरिकों को भारत में प्रवेश करने से रोक रखा है। इधर से भी आवाजाही बंद है। सामान्य दिनाें में दोनों के बीच 4.21 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ट्रेड होता है। वहीं घाेषित ट्रेड का 10 गुनाअधिक अघाेषित ट्रेड हाेता है।

सीमा पूरी तरह सील होने से जरूरी सामान के दाम कई गुना बढ़े।

भारत के सीमावर्ती बाजाराें से खाद्यान्न सामग्री के साथ दवा एवं अन्य सामग्री उस पार जाती है। पर, इन दिनाें अघाेषित ट्रेड काराेबार में कमी आई है जिससे नेपाल के सीमावर्ती गांव के बाजार में खाद्यान्न की कीमत आसमान छूने लगी हैं। नमक 100 और सरसों तेल 250 रुपए किलो तक बिक रहा है। सामान्य दिनाें में नेपाल के बाजार में खाद्यान्न की कीमत भारतीय बाजार से 5 रुपए अधिक हाेती थी। पर, अब दाेगुनी कीमत है। हां, यह जरूर है कि कुछ लोग लुक-छिप कर अभी भी आ रहे हैं और जरूरी सामान लेकर नेपाल जा रहे हैं।

दो महीने में सिर्फ जयनगर की मंडी में 25-30 करोड़ का नुकसान हुआ

नेपाल के लाेगाें के भारतीय बाजार में नहीं अाने से यहां का काराेबार भी ठंडा पड़ गया है। मधुबनी के सीमावर्ती जयनगर के बड़े कपड़ा व्यापारी गिरधारी सर्राफ कहते हैं कि व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेपाल में सिर्फ एक्सपोर्ट के जरिए ही कपड़े जा रहे हैं, लेकिन वहां के व्यापारी भारत की मंडियों में नहीं आ पा रहे। नेपाल के व्यापारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रहे हैं।

उनका तर्क है कि व्यापारियों के भारत आकर कपड़ों की खरीद नहीं करने से पिछले दो-तीन महीनों में सिर्फ जयनगर की मंडी से 25-30 करोड़ का नुकसान हुआ है। दूसरे व्यापारी बताते हैं कि राशन और दूसरी खाद्य सामग्री के नेपाल नहीं जाने से नेपाल में उनकी कीमतें बढ़ी हैं। बॉर्डर पर किराना की दुकान चलाने वाले अखिलेन्द्र गुप्ता कहते हैं कि नेपाल में नमक 100 रुपए किलो तक बिक रहा है जबकि भारत से लोग पहले 10 रुपए में नेपाल ले जाया करते थे।

बेटी के संबंध पर चोट:नए कानून से विवाह के सात साल बाद भारतीय बेटियों को नागरिकता

भारतीय बहुओं को नागरिकता से वंचित करने की कोशिश पर नेपाल में मचे भूचाल के बीच बुधवार को मलंगवा (नेपाल) की एक महिला बेटे के लिए बहू देखने बॉर्डर पार कर सोनबरसा से सटे झीम नदी किनारे एक दुकान पर पहुंची थी। होने वाली बहू को देने के लिए कुछ खरीदारी कर रही थी। इस बीच बेटी वालों ने संदेश भिजवाया कि अब वह नेपाल में शादी नहीं करेंगे।

क्योंकि, अब नेपाल में उनकी बेटी को सात साल बाद नागरिकता मिलेगी। रिश्तेदारी नहीं होने से निराश महिला ओली सरकार पर भड़क उठी। कहने लगी वह भी कभी भारत की ही बेटी थी। जिसके नाम का सिंदूर माथे पर लगा लेती है तो पूरा जीवन उसके नाम कर देती है। ऐसे में शादी के बाद उसकी राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद पर शंका नहीं करनी चाहिए।

होने वाली बहू के लिए खरीदारी करने पहुंची मलंगवा (नेपाल) की महिला।

दरअसल, नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार ने भारत से बेटी-राेटी के रिश्ते काे खत्म करने की पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। भारत से ब्याह कर नेपाल जाने वाली बेटियाें काे राजनीतिक, आर्थिक और कानूनी अधिकार से वंचित करने का मन बनाया है। ताकि, भारत से खून का रिश्ता खत्म हाे सके। नेपाल ने मंगलवार काे नागरिकता संबंधी कानून को प्रतिनिधि सभा में पेश कर दिया।

लोग बोले-देश को चीन की झोली में डाल रही नेपाल की ओली सरकार

नागरिकता कानून का विरोध करते हुए मलंगवा गांव के बलराम यादव ने कहा कि यह सरकार की सोची-समझी साजिश है। ओली सरकार भारत के साथ हर तरह के संबंध को खत्म कर देश को चीन की झोली में डालने को बेताब है। सरकार चाहती है कि भारत‌ के साथ जो वैवाहिक संबंध है उसको धीरे-धीरे योजनाबद्ध तरीके से तोड़ दें। पर, शताब्दियों से नेपाल और भारत का यह संबंध सांस्कृतिक आधार पर स्थापित है।

प्रस्तावित कानून में यह है प्रावधान

नेपाली संघीय संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में विवादास्पद नागरिकता कानून पेश किया गया जिसमें किसी भी भारतीय महिलाओं को नेपाल में शादी करने के सात साल बाद ही नागरिकता दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। अब तक नेपाल में शादी के तत्काल बाद ही भारत की बेटियों काे नागरिकता का प्रमाण पत्र देने का नियम है।

कई जगहों पर बांध का निर्माण रोका:तटबंधों पर आपत्ति, बिहार में बाढ़ का खतरा

नेपाल की आपत्ति से पूर्वी चंपारण के बलुआमें लालबकेया नदी के पश्चिमी तटबंध की मरम्मत कई दिनाें से बंद है। बाढ़ से पहले बांध की मरम्मत नहीं हुई ताे पूर्वी चंपारण के ढाका, पताहीं, पकड़ी दयाल, मधुबन व फेनहारा प्रखंड में भारी तबाही तय है। 2017 में भी दाे जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हाेने से इन प्रखंडाें में तबाही मची थी। दरअसल, नेपाल सीमा में तटबंध का निर्माण नहीं हुआहै। इस बीच भारतीय सीमा में निर्मित इस तटबंध की ऊंचाई 5 फीट बढ़ा दी गई है। इससे नेपाल के बंजरहा के लाेगाें काे आपत्ति है। गांव वालाें के साथ नेपाल आर्म्ड फाेर्स के जवान बांध निर्माण पर आपत्ति जताते हुए बलुआके ग्रामीणाें से उलझ गए। इससे भारी तनाव है।

पूर्वी चंपारण के बलुआ में बांध मरम्मत पर नेपाल ने आपत्ति जताकर काम रुकवा दिया।

नेपाल और भारत के बीच बाढ़ भी एक अहम मुद्दा रहा है। हर साल क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत होती है। लेकिन इस बार नेपाल आपत्ति कर रहा है। भारत में जयनगर के इनरवा बॉर्डर से थोड़ी दूर पर अकौन्हा है। वहां वर्ष 2019 में कमला नहर का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया था। इस बार फिर से मरम्मत हो रही है। लेकिन नेपाल अड़चन खड़ी कर रहा है। नेपाल की आपत्ति है कि भारत नो मैंस लैंड से सटकर बांध न बनाए।

क्योंकि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं:चाइनीज हुआ हमारा नेपाल

नेपाल के पाला बदलने से सिर्फ भारत या बिहार को ही नुकसान नहीं हुआ, नेपाल भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेपाल के लोग और सांसद सरकार के चीनी रुख का विरोध कर रहे हैं। तस्वीरों से देखिए नेपाल की स्थिति :-

भारत से दूर हो गया नेपाल

सरहद पर सख्ती बढ़ी तो चोरी-छिपे हो रही इंट्री

सख्ती से नेपाल के लोग खरीदारी के लिए अब नदी के रास्ते आ रहे।

ऐसा कैमरा जिससे भारतीय सीमा की निगरानी हो

सोनबरसा झीम पुल पर कैमरे से भारतीय सीमा की निगरानी भी संभव।

परिजनों से मिलने वालों को भी रोक रहा नेपाल

सोनबरसा चेकपोस्ट पर भारत आ रही महिला को रोकती नेपाल पुलिस।

मदद के नाम पर घुसा चीन

भारतीय की जगह अब चीनी टेंट में नेपाल पुलिस

जयनगर के बलहा बॉर्डर पर नेपाल की तरफ लगा चीनी टेंट।

पहले हमारी दवा जाती थी, अब चीन पहुंचा रहा

भारत से मदद लेने वाले नेपाल में चीन खुद पहल कर दवा पहुंचा रहा है।

चीन ने बनाई भारतीय बॉर्डर के पास की फोरलेन रोड

बिहार-नेपाल बॉर्डर से लगती सड़क को चीन की एजेंसी ने फोरलेन किया।

फिर सुलग रही विद्रोह की आग:घिरा नेपाल, लग रहे गो-बैक चाइना के नारे

चीन की साजिश से हाल के दिनाें में नेपाल सरकार की ओर से लिए गए विभिन्न फैसलाें के खिलाफ तराई में आंदाेलन तेज हाे गया है। विद्रोह की आग फिर सुलग रही है। भारतीय बहू काे सात साल बाद नागरिकता देने, नेपाली संसद में सांसदाें के हिन्दी बाेलने पर राेक, चीन की ओर नेपाल की जमीन हड़पने सहित विभिन्न मुद्दाें काे लेकर बाॅर्डर के उस पार वीरगंज, गाैड, परसा, मलंगवा, जनकपुर, धनुषा में लाेग सड़क पर उतर आए हैं। शनिवार काे वीरगंज में नेपाल विद्यार्थी संघ ने नेपाल सरकार और चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन : पूरे नेपाल में चीन की घुसपैठ के विरोध में जगह-जगह चीन गो बैक के नारे लग रहे।

संघ के केन्द्रीय सदस्य सुधीर पटेल के नेतृत्व में माई स्थान चौक से निकला जुलूस नगर परिक्रमा करते हुए घंटाघर चौक पहुंचा। इस दौरान गो बैक चाइना, नेपाली भूमि का अतिक्रमण बंद करो, चीन सरकार मुर्दाबाद, जिनपिंग मुर्दाबाद आदि नारे लगाए गए। सीतामढ़ी के साेनबरसा बाॅर्डर के उस पार मलंगवा में नागरिकता कानून में संशाेधन काे धरना-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। लाेगाें ने कहा कि नेपाल सरकार बिहार से खून के रिश्ते काे बंद करने की साजिश रच रही है। जबकि, हमारा जन्माें से बेटी-राेटी का रिश्ता है।

(वाल्मीकिनगर से कृष्ण कांत मिश्र, सिकरहना से जीतेन्द्र वत्स, सोनबरसा से मुकुंद अग्रवाल, मधवापुर से गांधी मिश्र गगन, सुपौल से बिष्णु गप्ता, जयगनर से सुनील कुमार)



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यह फोटो त्रिवेणी घाट का है। यहां जंगल की जमीन पर भारतीय इलाके में नेपाल की ओर से लगाया गया झंडा। नेपाल हमारी जमीन पर अपना दावा कर रहा है।


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Thursday, 25 June 2020

गोपालगंज में 13 और सीवान में 6 लोगों की जान गई, 12 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट

बिहार में गुरुवार को बिजली(ठनका) गिरने से 6 जिलों में 31 लोगों की मौत हो गई। 6 लोगों की हालत गंभीर है। मृतकों में गोपालगंज के 13, सीवान के 6, दरभंगा के 5, मोतिहारी के 3, बेतिया और मधुबनी के 2-2 लोग शामिल हैं। सीवान के भगवानपुर और अरुआ गांव में बिजली गिरने से मकान गिर गया।

गोपालगंज के उचका गांव में अलग-अलग जगहों पर खेत में काम कर रहे सात लोगों कीमौत हो गई। बरौली में दो, सोनबरसा और खजूरिया में एक-एक की जान गई।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए 12 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं। इसके अलावा कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई में भी भारी बारिश की संभावना है।

सीवान में भारी बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, देश में तीन सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तरी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व में आगे बढ़ेगा और बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश तराई क्षेत्रों के करीब पहुंचेगा। मानसून ट्रफ भी 27 जून तक तराई क्षेत्रों में रहेगा। इस वजह से बिहार में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पूर्व की तरफ से हवाएं चलेंगी।



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सीवान में बिजली गिरने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। यहां के दो गांवों में बिजली गिरने से मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।


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175 नए मामले आए, 49 मरीज ऑक्सीजन के भरोसे तो 16 वेंटीलेटर पर लड़ रहे जिंदगी की जंग 

हरियाणा में गुरुवार को कुल कोरोना मरीजों की संख्या 12185 पहुंच गई है। 185 नए मरीजों का इजाफा हुआ जबकि 32 पुराने मरीज ठीक होकर घर पहुंचे। नाजुक हालत के मरीजों की सांसें लगातार उखड़ रही हैं। कोरोना से दम तोड़ने वाली जिदंगियों की संख्या में बढ़ोतरी सरकार की चिंता बढ़ा रही है। अलबत्ता अभी 188 मरीज कोरोना की लड़ाई हार चुके हैं, जबकि 65 की हालत नाजुक बनी हुई है। इनमें 49 की सांसें ऑक्सीजन के सहारे चल रही हैं तो वेंटीलेटर पर 16 जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राहत की बात यह है कि रिकवरी रेट में लगातार सुधार हो रहा है, मरीजों के ठीक होने की संख्या हर रोज बढ़ रही है। अब तक 6957 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं जबकि 5040 एक्टिव केस ही बचे हैं।

गुरुवार को 9 जिलों में 175 नए मामलों से संक्रमितों का आंकड़ा 12185 पर पहुंच गया है। नए मामलों में सबसे ज्यादा सोनीपत में 66, गुड़गांव में 65, भिवानी में 15, करनाल में 14, रोहतक में 7, पंचकूला में 3, हिसार व झज्जर में 2-2 तथा फतेहाबाद में एक संक्रमित मिला। इसके साथ ही हिसार में 17, भिवानी में 9, झज्जर में 4 तथा सिरसा में 2 मरीज ठीक होकर लौटे।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्धों के सैंपल लेने का आंकड़ा 234281 पर पहुंच गया है, जिसमें 216813 की रिपोर्ट नेगेटिव आई। जबकि 5283 का इंतजार है। प्रदेश में पॉजिटिव रेट भी 5.32 फीसद पर पहुंच गया है। रिकवरी रेट 57.06 फीसद है जबकि मामलों के दोगुने होने की अवधि 13 दिन पर पहुंच गई है। प्रत्येक 10 लाख पर जांच का आंकड़ा भी 9242 पर पहुंच गया है। कोरोना से 188 मौतों से मृत्युदर 1.54 फीसद पर पहुंच गई है।

अब तक 188 मरीजों की कोरोना से मौत
प्रदेश में अभी तक 188 मरीजों की मौत हुई है, इनमें 131 पुरूष और 57 महिला शामिल हैं। अभी तक गुड़गांव में 75, फरीदाबाद में 65, सोनीपत में 11, रोहतक में 7, पानीपत में 6, जींद व रेवाड़ी में 4-4, झज्जर, अंबाला, भिवानी व करनाल में 3-3, पलवल में 2 तथा हिसार व चरखी-दादरी में 1-1 की मौत हो चुकी है।

यह है प्रदेश में संक्रमितों की स्थिति

  • फिलहाल प्रदेश में यूएसए से लौटे 21 लोगों, 14 इटली के नागरिकों और 133 जमातियों को मिलाकर संक्रमितों का आंकड़ा 12185 पर पहुंच गया है। इनमें सबसे ज्यादा गुड़गांव में 4827, फरीदाबाद में 2797, सोनीपत में 1020, रोहतक में 488, अंबाला में 299, पलवल में 280, भिवानी में 331, करनाल में 250, हिसार में 208, महेंद्रगढ़ में 201, झज्जर में 210, रेवाड़ी में 218, नूंह में 160, पानीपत में 137, कुरुक्षेत्र में 112, पंचकूला में 102, फतेहाबाद में 95, जींद में 96, सिरसा व यमुनानगर में 90-90, यमुनानगर में 85, कैथल में 70 तथा चरखी-दादरी में 69 संक्रमित मिले हैं।
  • वहीं 14 इटली नागरिकों सहित कोरोना को मात देने वालों का आंकड़ा 6957 हो गया है। इनमें गुड़गांव में 2877, फरीदाबाद में 1306, सोनीपत में 574, झज्जर में 136, रोहतक में 405, नूंह में 128, पानीपत में 98, पलवल में 190, अंबाला में 182, हिसार में 118, करनाल में 154, नारनौल में 144, जींद में 36, पंचकूला व यमुनानगर में 50-50, कुरुक्षेत्र में 66, भिवानी में 105, सिरसा में 72, फतेहाबाद में 67, कैथल में 52, रेवाड़ी में 82, चरखी-दादरी में 45 तथा यूएस से लौटे 6 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।


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सोनीपत में एक संदिग्ध का सैंपल लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम। हरियाणा में इस समय सबसे ज्यादा मरीज गुड़गांव जिले में हैं।


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